।। ये शहर राजधानी है ।।

।। ये शहर राजधानी है ।।



दिल बड़े पत्थर हैं यहां
ये शहर राजधानी हैं

मकान तो हैं पर जगह नहीं
ये शहर राजधानी है

जस्बात सारे नक़ली हैं
ये शहर राजधानी है

और कहते हैं तेरी क़द्र है हमको
झूठ कहते हैं, क्योंकि
ये शहर राजधानी है

पैसे कमाने आये थे कुछ लोग
आखिर ये शहर राजधानी है

गाँव याद आया पर फँस गए
ये शहर राजधानी है

ये बुलाता तो है पर जाने नहीं देता
ये शहर राजधानी है

भीड़ बढ़ती ही गई बस अड्डों पर
ये शहर राजधानी है

लोग चुनते गुंडे अपने नुमाईंदों के रूप में
ये शहर राजधानी है

सोचते हैं ये नुमाईन्दे लाएंगे बदलाव
ये शहर राजधानी है

भटकते ही रह गए इसलिए कुछ लोग
ये शहर राजधानी है

#ये_शहर_राजधानी_है #authornitin #poem #poetry 

Comments

Popular posts from this blog

I Am Martyred For You

An excerpt

Ordinary