।। आखिर घर हमारा है ।।

।। आखिर घर हमारा है ।।



नज़र बचाकर आने वाले
बड़े खतरनाक होते हैं
लेकिन उसे घर मे घुसते ही
मुझसे नज़रें मिलानी पड़ीं
उसने सोचा भी न था
कि ऐसा होगा
वो डरा थोड़ा सकुचाया
उसे समझ न आया कि क्या करे
तो उसने चाकू निकाल लिया
मुझपर झपटा
मैं पहले थोड़ा सकुचाया
लेकिन अगले ही पल
मैंने ठाना की मुंहतोड़ जवाब दूंगा
आखिर घर मेरा है।

ऐसे कैसे किसी को लूट लेने दुँ
मैंने भी आव देखा न ताव
जोर का एक तमाचा जड़ा
वो चौंक गया
उसकी ताकत ढीली पड़ गयी
और उसने भागने की ठान ली।

मिलानी होती है नजरें
ऐसे ही मुसीबतों से
डंट के लड़ना होता है
नज़रें झुकाए बिना
और जस्बा अगर ऐसा हो
तो हारती हैं मुसीबतें
तो आओ मिलाते हैं नजरें
मिलाते हैं नज़रें इस कहर से
और तोड़ देते हैं हौसले इसके
आखिर घर हमारा है।

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