।। गर्म सवेरे ।।

 ।। गर्म सवेरे ।।



गर्म सवेरे बाकी हैं बहुत

अभी तुम्हारी ज़िन्दगी में

इतना गुमसुम मत बैठो।


के सवेरा तो बस 

आने को है, तुम

इतना गुमसुम मत बैठो।


उठो और बताओ सबको

के तुम ज़िंदा हो अभी

के इतना गुमसुम मत बैठो


गर्म सवेरे बाकी हैं बहुत

अभी तुम्हारी ज़िन्दगी में

इतना गुमसुम मत बैठो।


रह सके जो तन्हा कभी

जानोगे अपनी अहमियत, तो

इतना गुमसुम मत बैठो 


शोर न कर सके, कोई बात नहीं

धीरे ही सही, पर बोलो अभी

इतना गुमसुम मत बैठो


क्यों न सवेरा भी जान जाए

कि तुम ज़िंदा हो, इसलिए तुम

इतना गुमसुम मत बैठो


गर्म सवेरे बाकी हैं बहुत

अभी तुम्हारी ज़िन्दगी में

इतना गुमसुम मत बैठो।


#authornitin #poem #poetry #gumsum #hindipoetry #hindishayari 

Comments

Popular posts from this blog

Importance of communication

Allahabad book launch

An excerpt