।। मुझे तेरे शहर से क्या लेना ।।

।। मुझे तेरे शहर से क्या लेना ।।


मैं तो रहता हूँ दूर तेरे शहर से
मुझे तेरे शहर से क्या लेना

आग लगे तो लगा करे
मुझे तेरे शहर से क्या लेना

मैं यहाँ महफूज़ हूँ
मुझे तेरे शहर से क्या लेना

तेरे शहर में अभी रात है तो हुआ करे
मुझे तेरे शहर से क्या लेना

तेरे शहर की गलियों में दहशत है तो हुआ करे
मुझे तेरे शहर से क्या लेना

कभी मिल लेना उससे भी जो फिक्रमंद था तेरी खातिर
मैं तो तमाशबीन हूँ मुझे तेरे शहर से क्या लेना

#authornitin #poem #poetry #मुझे_तेरे_शहर_से_क्या_लेना

Comments

Popular posts from this blog

Importance of communication

Allahabad book launch

An excerpt