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।। मत पूछिए ।।

  ।। मत पूछिए ।। मत पूछिए कुछ भी, कि राज़ बस राज़ हैं सारे वो छुप-छुप के सभी कुछ यूँ ही कर जाते हैं, कैसे?  मत पूछिए, कि राज़ बस राज़ हैं सारे कि गिरगिट भी समझते हैं खेल यूँ ही छुप जाने का राज़ को  राज़ रखने का पर कैसे? मत पूछिए, कि राज  बस राज़  हैं सारे #authornitin #poem #poetry 

।। ये जो सजग जनता है ।।

  ।। ये जो सजग जनता है ।। ये जो सजग जनता है बेहद सजग है इतनी सजग कि  इसे तुरंत दिख जाता है किसी के फ्रिज में रखा मांस का टुकड़ा किस जानवर का है इतनी सजग कि  इसे घर बैठे दिख जाता है एक एक्टर का कातिल और कत्ल करने का तरीक़ा इतनी सजग कि रखती है राजनीति की हर एक ख़बर इतनी सजग कि इसे पता हैं राज़ सारे कि नेपोटिज़्म बॉलीवुड में है बीसीसीआई में नहीं इतनी सजग कि इसे पता है कि  पेट्रोल के दाम बढ़ने में देश का फ़ायदा है इतनी सजग कि इसे पता है दरबार की सारी उट्ठकबैठक बस नहीं पता तो उस गरीब के घर का रास्ता जो भूखा है कई दिनों से बस नहीं पता तो उसका पता जो कल बेरोज़गार हो गया बस नहीं पता तो उसका पता जिसकी आवाज़ को दबा दिया गया #authornitin #poem #poetry #poetrylover #hindikavita #hindipoem #कविता 

।। राय साहब की कैबिनेट ।।

  ।। रायसाहब की कैबिनेट ।। राय साहब ने  रायगढ़ के लिए नई कैबिनेट बनाई और बोले बधाई बोले कैबिनेट तो नई है पर ये भी  बोल नहीं पाएगी क्योंकि राय देना सिर्फ रायसाहब का हक़ है राय देना  सिर्फ़ रायसाहब का हक़ है कैबिनेट तो बस चेहरे हैं दिखाने की ख़ातिर वैसे भी  राय साहब की राय है कि राय सिर्फ उनसे ही ली जाए #authornitin #poem #poetry

।। डुबोना ।।

  ।। डुबोना ।। चंद लम्हों की बारिश ने  डुबोया है शहर सारा के तुमने प्यार से देखा ही था औऱ हम भी बस डूबे ही थे वो बारिश याद है मुझको आसमाँ भी डूबने को बेताब था सारा के तुमने प्यार से देखा ही था और हम बस डूबे ही थे #authornitin #poem #poetry

।। रंगीन जवाब ।।

  ।। रंगीन जवाब ।। सवाल ढेरों उठते हैं मन में पर एक सवाल ये भी है कि क्या पूंछने से हमेशा  जवाब मिल ही जाता है? और मिल भी जाय  तो क्या वो जवाब  भाता है मन को? क्योंकि सच हमेशा स्वीकार्य नहीं होता। ज़्यादातर हम तलाशते हैं जवाब ऐसे जो हमें भा जाएं। जो आसान हो हमारे लिए ऐसे जवाब जो रंगीन हों जो हों मीठे शरबत की तरह। #authornitin #poem #poetry 

।। के अब जाने का वक़्त है ।।

  ।। के अब जाने का वक़्त है ।। झोला उठा लो  के अब जाने का वक़्त है सुरमा लगा लो के अब जाने का वक़्त है जाओ के सब लुट गया रियासत में तुम्हारी कुछ तो शर्म खाओ के अब जाने का वक़्त है गंगा साफ़ क्या होती तुमने तो लाशें हैं बहाईं अब तो कुछ होश में आओ के अब जाने का वक़्त है #authornitin #poem #poetry

।। वो हार चुका है ।।

  ।। वो हार चुका है ।। हुक़ूमत का  यूँ संगदिल हो जाना यूँ क़ातिल हो जाना कुछ और नहीं एहसास है राजा का कि वो हार चुका है। हुक़ूमत का  यूँ खबरें दबाना यूँ अखबारों को खरीदते जाना कुछ और नहीं एहसास है राजा का कि वो हार चुका है। हुक़ूमत का यूँ नफ़रत से भर जाना यूँ रोज़-रोज़ और कायर होते जाना कुछ और नहीं एहसास है राजा का कि वो हार चुका है। #authornitin #poem #poetry