।। मत पूछिए ।।

 ।। मत पूछिए ।।


मत पूछिए

कुछ भी,

कि राज़

बस राज़

हैं सारे


वो छुप-छुप के

सभी कुछ

यूँ ही कर जाते हैं,

कैसे? 

मत पूछिए,

कि राज़

बस राज़

हैं सारे


कि गिरगिट भी

समझते हैं

खेल यूँ ही

छुप जाने का

राज़ को 

राज़ रखने का

पर कैसे?

मत पूछिए,

कि राज 

बस राज़ 

हैं सारे


#authornitin #poem #poetry 

Comments

Popular posts from this blog

Importance of communication

An excerpt

I Am Martyred For You