।। हड़ताल ।।

 ।। हड़ताल ।।



सब जगह हड़ताल है

आज

सब जगह हड़ताल है


कहीं मज़दूर की मज़दूरी मारी

कहीं किसान को अंगूठा दिखाया

बदले में आई हड़ताल


सब जगह हड़ताल है

आज

सब जगह हड़ताल है


किसी ने सिर्फ सस्ती शिक्षा मांगी

किसी ने रोज़गार

नहीं दे पाया देश 

बदले में आई हड़ताल


सब जगह हड़ताल है

आज

सब जगह हड़ताल है


किसी ने मांगा अपराध-मुक्त समाज

किसी ने चाहा सिर्फ सम्मान से जीना

नहीं दे पाया देश

बदले में आई हड़ताल


सब जगह हड़ताल है

आज

सब जगह हड़ताल है


चौंकिए मत ये तो होना ही है

क्योंकि एक जगह सालों से हड़ताल है

सरकार के कान में बंद चालू है

यहां ही सबसे बड़ी हड़ताल है


सब जगह हड़ताल है

आज

सब जगह हड़ताल है


सब जगह हड़ताल है

आज

सब जगह हड़ताल है


#authornitin #poem #poetry #हड़ताल 


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