।। तेरी आंखें ।।

 ।। तेरी आंखें ।।



नज़ाकत हो तो दरख्वास्त डालूं

के कायल हूँ मैं तेरी आँखों का


इतना नशा शराब में भी नहीं

के घायल हूँ मैं तेरी आँखों का


पिया था जाम पिछले साल

नशा क़ायम है अब तक़ ये तेरी आँखों का


रह-रह कर पूछता फिरता हूँ दुनिया से

के कौन सा ये जाम है इन तेरी आँखों का


पिलाया मत करो इतना

नहीं तो गुनाहगार हो जाऊंगा तेरी आँखों का


पिला के दूर भाग जाते हो, आओ थोड़ा और पिलाओ

के दरिया नशीला है ये तेरी आँखों का


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