।। अभी बाक़ी है ।।

 ।। अभी बाक़ी है ।।



दिल की वो आरज़ू 

अभी बाकी है


तेरी जुस्तज़ू में उदास 

मेरी तन्हाई

अभी बाक़ी है


बाक़ी है तेरी याद

और दिल में तस्वीर तेरी

अभी बाक़ी है


कही कुछ लम्हे बिखर गए

पर उन लम्हो में, तेरी परछाईं

अभी बाक़ी है


बाकी हैं वो ख्वाब

जो तन्हा देखे थे कभी

और उन ख्वाबों की तासीर

अभी बाकी है 


लम्हें तो कटा करते हैं आजकल भी

पर उन लम्हों में तेरी याद 

अभी बाक़ी है


कटते-कटते बस यूं ही कटी है

ये ज़िन्दगी मेरी

के ज़िन्दगी में तेरी तलाश

अभी बाकी है


के तू ख़ुदा है 

जिसे तलाशता हूँ मैं

मेरी रूह में तेरी प्यास 

अभी बाक़ी है


ज़र्रा-ज़र्रा मेरे जिस्म का

पुकारे है तुझे

के मेरी रूह में तेरी प्यास 

अभी बाकी है


के मेरी रूह में तेरी प्यास

अभी बाकी है


#अभी_बाक़ी_है #authornitin #poem #poetry #spiritual #ख़ुदा 

Comments

Popular posts from this blog

Importance of communication

Allahabad book launch

An excerpt