।। तलाश ।।

।। तलाश ।।


तलाश हम सभी के पास है
पर मुझे है तलाश

एक प्यास की
जो बुझा दे हर प्यास की प्यास को

एक तलब की
जो ऐसी हो कि बाकी कोई तलब अब बाकी ही न रहे

एक आरज़ू की
जो भारी हो सभी आरजूओं पर

एक तन्हाई की
जो भीड़ में भी तन्हा कर जाए

तलाश हम सभी के पास है
पर मुझे है तलाश

उस अक्स की
जिसमें मेरी हक़ीक़त मुझे नज़र आ जाये

उस शख्स की
जो कहता है कि वो मेरे जैसा है

और उस ख़ुदा की
जो मुझ पर अपनी ख़ुदाई ज़ाहिर न करे

उस ख़ुदा की
जो मुझसे ये न कहे कि कुछ चाहिये तो पहले इबादत कर मेरी

और मुझे है तलाश
उस कुएं कि जो मेरे पास चल कर आये मेरी प्यास बुझाने को

और है तलाश
एक प्यास की

एक प्यास की
जो बुझा दे हर प्यास की प्यास को

उसी प्यास की
जो बुझा दे हर प्यास की प्यास को

#authornitin #poem #poetry #तलाश 

Comments

Popular posts from this blog

Importance of communication

Prologue of my upcoming book

I Am Martyred For You