।। हुक़ूमत किसकी है ।।

 ।। हुकूमत किसकी है ।।


शमशान, कब्रिस्तान, कफ़न, लाशें

सब पूछते हैं कि हुकूमत किसकी है


अस्पतालों में हुजूम और मेलों की भीड़ 

सब पूछते हैं कि हुकूमत किसकी है


मकान में क़ैद ये इंसान और बाहर से बंद ये दुकान

सब पूछते हैं कि हुक़ूमत किसकी है


राहों में कुछ दरबारी वोट मांग रहें हैं

झूठ पर झूठ बोल वो सीना तान रहे हैं


सच का ये मरघट और झूठ की ये दुकान

सब पूछते हैं कि हुक़ूमत किसकी है 


मीलों पैदल चलता मज़दूर और धरने पर बैठा किसान

सब पूछते हैं कि हुक़ूमत किसकी है 


बस कुछ शब्द बोले थे उन्होंने और सब बन्द हो गया

सिर्फ उनकी चली हुक़ूमत और सब बन्द हो गया


काफ़ी लोग भूखे रह गए, भूख से परेशान ये इंसान

सब पूछते हैं कि हुक़ूमत किसकी है


भ्रष्टाचारी नेता और बिके हुए पत्रकार को छोड़ कर

सब पूछते हैं कि हुक़ूमत किसकी है



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