।। जब भीड़ भीड़ से भिड़ती है ।।

 ।। जब भीड़ भीड़ से भिड़ती है ।।




जब भीड़ भीड़ से भिड़ती है

रक्तपात हो जाता है


सत्ता के लालच में देखो

ये खेल भी खेला जाता है


कहते हैं विश्वास करो

सत्ता में हैं

पर मासूम हैं वो

दंगे यूं ही हो जाते हैं

उनका कोई हाथ नहीं

बस धर्म धर्म से लड़ता है

वो क्या कर सकते हैं

असहाय हैं वो

बस कहते हैं विश्वास करो

सत्ता में हैं

पर मासूम हैं वो


कहते हैं विश्वास करो

कुछ किया नहीं हमने देखो

वो यूँ ही आ भिड़ जाते हैं

और रक्तपात हो जाता है


जब भीड़ भीड़ से भिड़ती है

रक्तपात हो जाता है


सत्ता के लालच में देखो

ये खेल भी खेला जाता है


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